खबर के साथ और दर्द की आवाज़ -विचारों का प्याला
परमाणु ऊर्जा से चलनेवाली स्वदेशी पनडुब्बी के नाम को लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया है। मंगलवार को दिगंबर जैन धर्मगुरुओं ने भी पनडुब्बी के नाम से ‘अरिहंत’ शब्द हटाने की मांग की है। गांधीनगर में चातुर्मास कर रहे दिगंबर गणाचार्य विरागसागरजी महाराज ने इस मामले में मुंबई-अहमदाबाद के जैन धर्मगुरुओं से सहमति जताई है। उन्होंने कहा, ‘अरिहंत’ हमारे आराध्य का नाम है। अरिहंतों ने पांच महाव्रतों में अहिंसा को पहला स्थान दिया है। अहिंसा मार्ग के ऐसे प्रवर्तक के प्रतीक पावन शब्द को परमाणु पनडुब्बी से जोड़ना निर्विवाद रूप से अनुचित है। इससे हमारी धार्मिक भावनाएं भी आहत हुई हैं।’ शीलरत्नविजयजी महाराज साहब ने अहमदाबाद में कहा कि परमाणु पनडुब्बी के नाम से यह शब्द तत्काल हटाया जाना चाहिए। अन्यथा जैन समाज अहिंसक आंदोलन छेड़ने के लिए विवश हो जाएगा।