सूडान में एक महिला पत्रकार को सिर्फ इस बात पर बेहद कठोर सजा का सामना करना पड़ा जिसे सोचकर आप सभी आचभिंत रह जाएंगे। हुआ यूं कि उत्तर सूडान में एक महिला पत्रकार ने वहां के कानून को दरकिनार करते हुए पैंट पहनने की हिमाकत की, जिसके बाद वहां के कानून के मुताबिक उसे 40 कोड़ों की असहनीय सजा सुनाई गई।समाचार एजेंसी डीपीए ने बताया कि पैंट पहनने के लिए सूडान में संयुक्त राष्ट्र की सूचना अधिकारी लुबना अहमद हुसैन को 13 महिलाओं के साथ गिरफ्तार किया गया। जिसके बाद हुई कार्रवाई में कोर्ट ने लुबना के साथ गिरफ्तार महिलाओं को 10-10 कोड़ों की सजा जबकि लुबना को 40 कोड़ों की सजा सुनाई।ज्ञात हो कि अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ लुबना ने अपनी वकील रोकी की सहायता से कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसके बाद कोर्ट ने पैंट पहनने के अपराध में उसे 40 कोड़ों की सजा सुनाई थी। लुबना को 40 कोड़ों की सजा उसके घर पर मिलने वाली थी जिसके बाद उसने देश भर के पत्रकारों को आमंत्रित किया है ताकि इस कानून को सभी जान सके। गौरतलब है कि उत्तर सूडान में नियम के मुताबिक वहां पर कोई महिला पैंट नहीं पहन सकती।
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परमाणु ऊर्जा से चलनेवाली स्वदेशी पनडुब्बी के नाम को लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया है। मंगलवार को दिगंबर जैन धर्मगुरुओं ने भी पनडुब्बी के नाम से ‘अरिहंत’ शब्द हटाने की मांग की है।
गांधीनगर में चातुर्मास कर रहे दिगंबर गणाचार्य विरागसागरजी महाराज ने इस मामले में मुंबई-अहमदाबाद के जैन धर्मगुरुओं से सहमति जताई है। उन्होंने कहा, ‘अरिहंत’ हमारे आराध्य का नाम है। अरिहंतों ने पांच महाव्रतों में अहिंसा को पहला स्थान दिया है। अहिंसा मार्ग के ऐसे प्रवर्तक के प्रतीक पावन शब्द को परमाणु पनडुब्बी से जोड़ना निर्विवाद रूप से अनुचित है। इससे हमारी धार्मिक भावनाएं भी आहत हुई हैं।’
शीलरत्नविजयजी महाराज साहब ने अहमदाबाद में कहा कि परमाणु पनडुब्बी के नाम से यह शब्द तत्काल हटाया जाना चाहिए। अन्यथा जैन समाज अहिंसक आंदोलन छेड़ने के लिए विवश हो जाएगा।
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इसमें दो राय नहीं कि इच्छाशक्ति ही सफलता का स्वाद चखाती है। किसी भी कार्य में आप कितनी दिलचस्पी ले रहे
हैं, यह आपकी 'प्यास' पर निर्भर करता है। आप किसी चीज को जितने दिल से पाना चाहेंगे, उसे पाने के लिए उतनी ही लगन से काम करेंगे। दसवीं क्लास तक आते-आते खुद स्टूडंट को भी यह स्पष्ट होने लगता है कि उसे किस फील्ड में करियर बनाना है। इस मंजिल को ही पहला और आखिरी लक्ष्य समझना चाहिए। भटकाव से कुछ हासिल नहीं होगा। सबसे पहले अपना लक्ष्य निर्धारित कीजिए। इसके बाद उसे पाने के जितने भी रास्ते हैं, उन सब पर विचार करें। अंत में एक उचित योजना के तहत कार्य आरंभ करें। विशेषज्ञों के अनुसार, इच्छा शक्ति को बनाए रखना सफलता का सबसे बड़ा मंत्र है। योजना बनाएं यह सच है कि अगर सही वक्त पर उचित निर्णय नहीं लिया जाए, तो हाथ आए मौके भी निकल जाते हैं। कभी -कभी तो मंजिल आंखों के सामने होते हुए भी गायब हो जाती है। अगर इन सभी से बचना है और लक्ष्य को पूरी तरह प्राप्त करना चाहते हैं, तो योजना बनाकर ही कार्य करें। सबसे पहले तो यह निर्णय करना अहम है कि कौन-सा करियर सही होगा। इसके लिए खुद की तैयारी के साथ, आर्थिक स्थिति और भविष्य में उसकी मांग को भी ध्यान में रखना जरूरी है। प्यास जगाएं आप परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं या जॉब सर्च। सफलता की प्यास को हमेशा बनाए रखें। संभव है कि पूरी सफलता मिलने में कुछ वक्त लग जाए, इससे घबराएं नहीं। ऐसी स्थिति में जरूरी है कि प्यास को बरकरार रखें। ऐसा न हो कि बार-बार की विफलता से हमारी प्यास मरने लगे और हम अपनी हार को ही किस्मत का लिखा मानकर स्वीकार कर लें। यह बिल्कुल गलत है। आखिर, कोई व्यक्ति हमेशा सफल नहीं हो सकता। इसका अर्थ यह नहीं है कि हार को ही मंजिल समझ लें। जीत के बारे में सोचें कुछ लोग दूसरों की सफलता देखकर ईर्ष्या करते हैं और उन्हें पराजित करने के ही विषय में सोचते हैं, जबकि कई लोगों को दूसरों से मतलब नहीं होता और वे केवल अपनी जीत के बारे में ही सोचते हैं। दूसरों को हराने के बारे में सोचने वाले लोग खुद को मजबूत नहीं करते, वे केवल दूसरों की खामियों को ही ढूंढते रहते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि हम जिसे हराना चाहते हैं, वह आगे निकल जाता है। ऐसे हालात न आएं, इसके लिए जरूरी है कि खुद को मजबूत करें।
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नई दिल्ली।। भारतीय अनुवाद परिषद के एक वर्षीय स्नातकोत्तर अनुवाद (अंग्रेजी-हिंदी-अंग्रेजी) डिप्लोमा कोर
्स के लिए स्टूडंट्स सात अगस्त तक अप्लाई कर सकते हैं। कोर्स के डाइरेक्टर डॉ. पूरनचंद्र टंडन ने बताया कि किसी भी स्ट्रीम में ग्रैजुएट स्टूडंट्स इस कोर्स के लिए आवेदन भर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कई फील्ड में ट्रांसलेटरों की डिमांड बढ़ रही है और इस डिप्लोमा से स्टूडंट्स को काफी फायदा होता है। ऐडमिशन के लिए इंटरव्यू 8 अगस्त को सुबह 10 बजे से शुरू होगा। चुने गए कैंडिडेट्स की लिस्ट 10 अगस्त को परिषद के कार्यालय में लगा दी जाएगी। दो बैच में होने वाली क्लासेज 17 अगस्त से शुरू होंगी। पहले बैच की क्लासेज शाम 4 से 5:30 बजे तक और सेकंड बैच की क्लासेज शाम 6 से 7:30 बजे तक होंगी।
