मन ही मन मुस्काता है
कंपनी ये बड़ी भरी है
लोग कहते है सरकारी है
ऐश यहाँ पर खुली है
कम बहुत मामूली है
पर जब सच से टकराता है
सर उसका चकराता है
जनता यहाँ बड़ी निराली है
साअरे रगो वाली है
१२बजे कुछ आते है
कुछ ६ बजते ही जाते है
कुछ की लाइफ ऑफिस में कटने वाली है
kioyki ना घर है ना घरवाली है
अभी पिक्चर बाकि है दोस्ती
